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उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए MDA अभियान शुरू

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 27 ज़िलों में लिंफैटिक फाइलेरियासिस (जिसे आमतौर पर फाइलेरिया कहा जाता है) को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से Mass Drug Administration (MDA) अभियान की शुरुआत की है।

यह सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल 28 अगस्त 2025 तक चलेगी और इसका उद्देश्य राज्य को फाइलेरिया-मुक्त बनाना है।


📌 क्या है फाइलेरिया?

  • फाइलेरिया एक मच्छर जनित परजीवी संक्रमण है जो शरीर की लसीका प्रणाली (lymphatic system) को नुकसान पहुंचाता है।
  • गंभीर मामलों में यह रोग हाथ-पैरों की सूजन (elephantiasis), दर्द, त्वचा की मोटाई और स्थायी विकलांगता का कारण बनता है।
  • यह रोग धीरे-धीरे फैलता है, लेकिन इलाज न होने पर जीवनभर की समस्या बन सकता है।

🎯 अभियान की मुख्य विशेषताएं:

विवरणआँकड़े / जानकारी
अभियान अवधि10 अगस्त से 28 अगस्त 2025 तक
जिलों की संख्या27 ज़िले
ब्लॉकों की संख्या195
घरों का कवरेजलगभग 2.6 करोड़ लोग
दवा वितरक35,000+
सुपरवाइज़र7,000+
  • घर-घर जाकर दवाएं दी जाएंगी
  • तीन दवाओं का एक साथ सेवन: DEC + Albendazole + Ivermectin
  • दवाएं पूरी तरह सुरक्षित और निःशुल्क हैं
  • बच्चों, बुजुर्गों और विशेष जरूरतों वाले नागरिकों के लिए विशेष सावधानियां रखी गई हैं

🗣️ विशेषज्ञों की सलाह:

“फाइलेरिया कोई लाइलाज रोग नहीं है। अगर समय पर दवाएं ली जाएं, तो इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग के लिए एक निर्णायक मौका है।”
स्वास्थ्य महानिदेशक, उत्तर प्रदेश


📢 लोगों से अपील:

  • दवाएं जरूर लें, भले ही आपको कोई लक्षण न दिखे
  • खाली पेट दवाएं न लें – खाना खाकर लें
  • गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे (2 साल से कम) और गंभीर बीमारियों वाले लोग दवा सेवन से बचें (स्वास्थ्यकर्मी से सलाह लें)

✅ निष्कर्ष:

फाइलेरिया जैसे धीरे-धीरे फैलने वाले लेकिन गंभीर रोग से लड़ने के लिए उत्तर प्रदेश का यह MDA अभियान एक सशक्त कदम है।
लक्ष्य है: 2027 तक राज्य को फाइलेरिया-मुक्त बनाना – और इसमें सबसे ज़रूरी भूमिका जनता की जागरूकता और सहयोग की है।


📌 क्या आपकी कॉलोनी में दवा वितरण हुआ है?
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