
नेपाल में इस समय सत्ता का संघर्ष अपने चरम पर है हालात यहाँ तक बिगड़ गए हैं कि नेपाल का आम जनमानस विरोध में सडक पर है . दरअसल,सोमवार को नेपाल में सोशल मीडिया साइट्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। सरकार के इस फैसले के खिलाफ काठमांडू और कुछ अन्य जगहों पर युवाओं ने प्रदर्शन किया जो धीरे धीरे हिंसक हो गया जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा घायल हुए। भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पडा.खबर है कि सेना उन्हें हेलिकॉप्टर से अज्ञात स्थान पर ले गई है । प्रदर्शनकारियों ने कई वरिष्ठ नेताओं के निजी घरों राजनीतिक दलों के मुख्यालयों और यहां तक कि “ संसद भवन “ को भी आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा को घर में घुसकर पीटा। यहां तक कि सर्वोच्च न्यायालय पूरी तरह प्रदर्शनकारियों के कब्जे में है।

ज्वलंत प्रश्न यह है कि आखिर ये आंदोलन क्यों भड़का क्या सिर्फ सोशल मीडिया बैन करने के चलते युवा इतने उग्र हो गए कि काठमांडू आग के हवाले कर दिया गया या फिर कुछ और
दरअसल जनमानस से वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था दिन प्रतिदिन दूर होती जा रही थी एक के बाद एक घोटालों ने युवाओं में सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ा दिया नेपाल में जेनरेशन जेड यानी साल 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए युवाओं में बेरोजगारी महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर निराशा थी ऐसे में सरकार ने सोशल मीडिया पर बैन लगाया तो सरकार के खिलाफ लिखने.बोलने वालों ने चिंगारी में घी डालने का काम किया।
- 2021 में 54 ,600 करोड़ का गिरी बंधु भूमि स्वैप घोटाला
- 2023 में 13 ,600 करोड़ का ओरिएंटल कोऑपरेटिव घोटाला
- 2024 में 69 ,600 करोड़ रुपये का कोऑपरेटिव घोटाला
इन तथाकथित घोटालों ने बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली से जूझते युवावर्ग और उनके अभिभावकों को सरकार के विरूद्ध लामबंद कर दिया । वर्षों से दिलों में जलती चिंगारी आज सब कुछ आत्मसात करने के लिये सडकों पर है।
नेपाल में 2019 में जहां बेरोजगारी दर 10 .39 फीसदी थी जो बढ़कर 10.71 फीसदी हो गई है। इसी तरह 2019 में 4.6 प्रतिशत की महंगाई दर थी जो अब 5.2 प्रतिशत हो गई है।
नेपाल में आर्थिक असमानता बढते बढते नासूर बन गई है केवल 20 प्रतिशत लोगों के पास नेपाल की कुल संपत्ति का 56 प्रतिशत हिस्सा है। मतलब साफ है समाज का एक बड़ा हिस्सा हाशिये पर चला गया है जनाक्रोश जब भी मौका मिला सरकार पर फूट पडा यही कारण है कि राजनीतिक अस्थिरता नेपाल के विकास के रास्ते से दूर ले गई ।
“नेपाल में हिंसा हृदयविदारक है और कई युवाओं की जानें गईं जिससे वह बेहद व्यथित हैं “ नरेंद्र मोदी

नेपाल की अस्थिरता भारत के लिये चिंता का सबब है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में जारी जेन.जी प्रदर्शनों और हिंसा पर गहरी चिंता जताई उन्होंने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक में नेपाल की स्थिति पर चर्चा की मोदी ने एक्स पर नेपाली भाषा में भी संदेश साझा किया उन्होंने लिखा कि “नेपाल में हिंसा हृदयविदारक है और कई युवाओं की जानें गईं जिससे वह बेहद व्यथित हैं “.उन्होंने कहा “नेपाल की स्थिरता शांति और समृद्धि भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है” पीएम मोदी ने नेपाल के सभी नागरिकों से अपील की कि वे संयम और शांति बनाए रखें उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत हालात पर नजदीकी नजर बनाए हुए है और नेपाल के लोगों के साथ है

वहीं रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा “रूसी पक्ष राष्ट्रीय कानूनों के दायरे में आंतरिक राजनीतिक संकट के शांतिपूर्ण समाधान की अपील करता है और मित्र देश में स्थिति के शीघ्र सामान्य होने की आशा करता है”

बालेन्द्र शाह के अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने की उम्मीद है जो वर्तमान में 2022 से काठमांडू के 15वें मेयर के रूप में कार्यरत हैं। वह काठमांडू के मेयर के रूप में चुने जाने वाले पहले स्वतंत्र उम्मीदवार हैं
राजनीतिक अस्थिरता की ओर बढते नेपाल के हालात के संदर्भ में भारत में भी चिंता बढ़ गयी है .

“नेपाल में राजनीतिक अशांति और जेलों से कैदियों के भागने की घटना के बाद सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है। नेपाल से सटी सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और पीएसी कंपनियों की तैनाती कर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने और सीमा पर हर गतिविधि पर कड़ी नज़र रखने के निर्देश दिए गये हैं ” – राजीव कृष्ण ,डीजीपी (उत्तर प्रदेश ) .उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम और पश्चिम बंगाल की नेपाल के साथ 1 ,751 किमी की खुली सीमा पर सशस्त्र सीमा बल ने सतर्कता बढ़ा दी है एतहतियात के तौर पर एअर इंडिया, इंडिगो और नेपाल एयरलाइंस ने दिल्ली से काठमांडो जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया है। वहीं नेपाल में प्रदर्शन के साथ साथ हो रही लूटपाट को रोकने के लिए सेना ने कमान संभाल ली है ।





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