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सैकड़ों बीमारियों के बाप हैं मच्छर, डंक लगते ही वायरस-बैक्टीरिया कर देते हैं अटैक, इन चीजों से भगाएं दूर

World Mosquito Day 2025: हर साल 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है. यह खास दिन ब्रिटिश डॉक्टर सर रोनाल्ड रॉस की याद में मनाया जाता है. रोनाल्ड रॉस ने सन 1897 में खोज कर बताया था कि मादा एनोफिलाइन मच्छर इंसानों के बीच मलेरिया फैलाती है. वर्ल्ड मॉस्किटो डे मच्छरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों के बारे में भी जागरूक करता है.

Mosquito-borne Diseases: मच्छर दिखने में बेहद छोटे होते हैं, लेकिन मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियां फैलाते हैं. मच्छरों के काटने से कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया इंसानों के शरीर में पहुंच जाते हैं. मच्छरों के काटने से हर साल करोड़ों की तादाद में लोग बीमार होते हैं और लाखों लोगों की मौत हो जाती है. मच्छरों को इंसानों के लिए सबसे खतरनाक जीव माना गया है. मच्छर न केवल इंसानों को प्रभावित करने वाली बीमारियां फैलाते हैं, बल्कि मॉस्किटो कुत्ते और घोड़ों से जुड़ी कई खतरनाक बीमारियां भी फैलाते हैं. डॉग हार्टवॉर्म, वेस्ट नाइल वायरस (WNV) और ईस्टर्न इक्विन इंसेफेलाइटिस (EEE) जैसी बीमारियां भी मच्छरों के काटने से होती हैं. मच्छरों के बारे में कई फैक्ट जानकर आप हैरान रह जाएंगे.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की रिपोर्ट बताती है कि मच्छरों के काटने से दुनियाभर में हर साल करीब 7 लाख लोगों की मौत हो जाती है. मलेरिया की चपेट में हर साल करीब 25 करोड़ लोग आ जाते हैं और 6 लाख से ज्यादा मौतें हो जाती हैं. इनमें से अधिकतर मौतें 5 साल से कम उम्र के बच्चों में होती हैं. डेंगू भी मच्छरों से फैलता है और सबसे कॉमन वायरल इंफेक्शन है. हर साल इसके 9.60 करोड़ केस मिलते हैं और इससे करीब 40 हजार मौतें हो जाती हैं. इसके अलावा मच्छरों के काटने से हर साल बड़ी संख्या में चिकनगुनिया संक्रमण, जीका वायरस बुखार, येलो फीवर, वेस्ट नाइल फीवर और जापानी एन्सेफलाइटिस के मामले भी सामने आते हैं. मच्छरों का आतंक विश्व के अधिकतर देशों में है. एशिया में भी मच्छर खूब आतंक मचाते हैं.

मच्छर आमतौर पर गंदगी और ठहरे हुए पानी से पनपते हैं. ये ऐसी जगहों पर अंडे देते हैं, जहां पानी इकट्ठा होता है. कूलर, पुराने टायर, गमले, नालियां, छतों पर जमा पानी या खुले कंटेनर में जमा पानी की सतह पर मादा मच्छर अंडे देती है. ये अंडे कुछ ही दिनों में लार्वा बन जाते हैं और फिर वयस्क मच्छर में बदल जाते हैं. मच्छर पहले किसी बीमार व्यक्ति को काटते हैं और फिर उसी वायरस को लेकर दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को काट लेते हैं. इस तरह मच्छर बीमारी को एक इंसान से दूसरे इंसान में फैला देते हैं. खास बात यह है कि मच्छर खुद बीमार नहीं होते, लेकिन बीमारी को तेजी से फैला देते हैं.

मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए ये ज्यादा खतरनाक होती हैं. बुखार, जोड़ों में दर्द, उल्टी, थकावट, खून की कमी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं. समय पर इलाज न मिले तो हालत बिगड़ सकती है. मच्छरों से बचने का सबसे आसान तरीका अपने आसपास सफाई रखना है. घर के अंदर या आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर-गमले समय-समय पर साफ करें. घर और आसपास की नालियों को ढक कर रखें. अगर मच्छरों को पनपने से रोकेंगे, तो बीमारियों से भी बच सकेंगे.

मच्छरों को भगाने के लिए आप कुछ आसान घरेलू उपाय भी अपना सकते हैं. जैसे नीम का तेल और नारियल तेल मिलाकर शरीर पर लगाएं, जिससे मच्छर पास नहीं आते. कपूर जलाकर कमरे में रखें, इससे मच्छर भाग जाते हैं. तुलसी और लेमनग्रास के पौधे लगाने से भी मच्छर दूर रहते हैं. घर में नीम, तुलसी और लौंग का धुआं भी असरदार होता है. अगर आप घरेलू उपाय के साथ-साथ बाजार के प्रोडक्ट भी इस्तेमाल करना चाहें, तो मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम, लिक्विड या कॉइल का इस्तेमाल कर सकते हैं. ध्यान रहे कि छोटे बच्चों के आसपास केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल न करें. बच्चों के लिए खास नेचुरल मच्छर भगाने वाले क्रीम और रोल-ऑन भी मिलते हैं.