
राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बार फिर अपने आक्रामक राजनीतिक रुख से बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। 16 अगस्त 2025 को उन्होंने एक जनसभा के दौरान दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को ‘बुरी तरह हराया जाएगा’, और जनता अब ‘वोट की चोरी’ और ‘छलावे की राजनीति’ को बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रशांत किशोर ने कहा:
“हम बिहार को नये नेतृत्व की जरूरत है। जो अब तक सत्ता में रहे हैं — चाहे भाजपा हो या जदयू — इन्होंने जनता की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ किया है। 2025 का चुनाव बदलाव का चुनाव होगा।“
यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार की राजनीति में फिर से गठबंधन बन और टूट रहे हैं। भाजपा, जदयू, राजद और कांग्रेस सभी पार्टियाँ अपने-अपने स्तर पर समीकरण साधने में जुटी हैं। लेकिन किशोर का यह सीधा और दृढ़ बयान साफ करता है कि वे अब रणनीतिकार से आगे बढ़कर एक राजनीतिक नेतृत्वकर्ता की भूमिका में खुद को स्थापित करना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारें केवल जातिगत समीकरण और सत्ता-संधियों पर चल रही हैं, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारी जैसे मूलभूत मुद्दों को पीछे छोड़ दिया गया है।
प्रशांत किशोर के इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक 2025 के चुनावी युद्ध का शंखनाद मान रहे हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में बिहार में घर-घर अभियान चलाया है और ‘जन सुराज यात्रा’ के माध्यम से राज्य के हर जिले में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश की है।
राजनीतिक प्रभाव:
- भाजपा के लिए यह एक सीधा हमला है, और उन्हें अपनी नीतियों का पुनर्मूल्यांकन करने की ज़रूरत है।
- अन्य विपक्षी दल जैसे राजद और कांग्रेस को भी चिंता होगी कि पीके कहीं उनका वोट बैंक न खींच लें।
- जन सुराज पार्टी का प्रदर्शन अब किंगमेकर या ट्रबलशूटर की भूमिका निभा सकता है।










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