शिवसेना (शिंदे) के राज्यसभा सदस्य मिलिंद देवरा ने एक पत्र लिखकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि दक्षिण मुंबई को आंदोलनों की भूमि न बनने दिया जाए। उन्होंने यह पत्र हाल ही में मराठा आंदोलनकारियों द्वारा पांच दिन तक दक्षिण मुंबई को पंगु बनाए रखने के फलस्वरूप लिखा है। लेकिन उनके इस पत्र पर शिवसेना (यूबीटी) एवं कुछ अन्य मराठी संगठनों ने आपत्ति जताई है।

लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन एक जरूरी लोकतांत्रिक अधिकार
देवरा ने लिखा है कि हालांकि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन एक जरूरी लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन इसे आम जनों के जीने एवं काम करने के अधिकार के साथ संतुलन बनाकर ही चलाया जाना चाहिए। दुनिया की कोई राजधानी अपने प्रशासनिक, सुरक्षा एवं आर्थिक संस्थानों को आंदोलनकारियों के द्वारा बाधित नहीं होने देती। इसलिए महाराष्ट्र सरकार को भी दक्षिण मुंबई को इस प्रकार के आंदोलनों से बचाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाना चाहिए।










Leave a comment