स्वास्थ्य

चेन्नई-दिल्ली समेत 4 महानगरों पर मंडराया बड़ा हेल्थ संकट, नालों में पल रहे हैं खतरनाक ‘सुपरबग्स’

भारत के महानगरों के सीवेज में ऐसे खतरनाक बैक्टीरिया मिले हैं जिन पर एंटीबायोटिक्स का असर नहीं हो रहा. सीसीएमबी की हालिया स्टडी के अनुसार, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों के गंदे पानी में ‘सुपरबग्स’ तेजी से फैल रहे हैं. जानें क्यों ये आने वाले समय का सबसे बड़ा हेल्थ संकट बन सकता है.

ज्यादातर लोगों के घरों के बाहर या सोसाइटी के आसपास गंदे नाले जरूर बहते होंगे. सब सोचते हैं कि उसमें सिर्फ गंदगी होती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गंदे नालों और सीवेज में गंदगी के अलावा और क्या छिपा हो सकता है? शायद आपको लगे कि ये सिर्फ बदबू और कचरा है, लेकिन हाल ही में हुई एक चौंकाने वाली रिसर्च ने कुछ और ही खुलासा किया है.

सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्युलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) की रिसर्च के मुताबिक, भारत के कई बड़े शहरों के सीवेज सिस्टम में ऐसे खतरनाक बैक्टीरिया पनप रहे हैं, जिन पर अब आम दवाइयों का असर होना बंद हो गया है. इसे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) कहते हैं.  

क्या है स्टडी?
ये स्टडी हैदराबाद के सीसीएबी और अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मिलकर की है, जिसे मशहूर जर्नल नेचर कम्यूनिकेशंस में छापा गया है. इस स्टडी को करने के लिए मार्च 2022 से 2024 के बीच दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों से सीवेज के 447 सैंपल लिए गए थे. वैज्ञानिकों ने ‘शॉटगन मेटाजीनोमिक्स’ नाम की तकनीक से इन सैंपल्स के डीएनए की जांच की, ताकि ये पता चल सके कि गंदे पानी में दवाइयों को बेअसर करने वाले बैक्टीरिया कितने फैल चुके हैं.