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MP के इस मंदिर में भक्तों की हर पुकार सुनती हैं मां विजयासन देवी, नवरात्र में बनाएं दर्शन का प्लान

रक्तबीज का वध और ‘विजयासन धाम’ का रहस्य

मान्यताओं के अनुसार, जब देवता ‘रक्तबीज’ नामक भयंकर राक्षस के अत्याचारों से त्रस्त हो गए थे, तब देवी पार्वती ने विकराल रूप धारण करके इसी स्थान पर उसका अंत किया था। इस महाविजय के बाद देवताओं ने देवी को जो आसन प्रदान किया, उसी के कारण यह पवित्र स्थान ‘विजयासन धाम’ कहलाया। दुख दूर करने वाली मां विजयासन को बहुत से लोग अपनी कुलदेवी के रूप में भी पूजते हैं।