
रागी जावा और रागी अम्बाली, दोनों ही दक्षिण भारत के पारंपरिक पेय हैं जो ‘फिंगर मिलेट’ (रागी) से बनाए जाते हैं. ये खास तौर पर इसलिए लोकप्रिय हैं क्योंकि ये गर्मियों के महीनों में शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. इन्हें बहुत पौष्टिक माना जाता है और ये पाचन तंत्र के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं. उत्तर भारत में, रागी को ‘नाचनी’ के नाम से भी जाना जाता है. यह सभी उम्र के लोगों के लिए सही है.
रागी में फाइबर और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य और पाचन के लिए बेहद लाभकारी होते हैं. इसके अलावा, यह बच्चों और डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए भी एक बेहतरीन और हेल्दी ऑप्शन है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ गर्मियों के मौसम में इसका नियमित सेवन करने की सलाह देते हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए, आइए आगे पढ़ें और जानें कि इस पेय को कैसे तैयार किया जाता है…









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