
चाय कई तरह की किस्मों और फ्लेवर में आती है, जो स्वाद और सेहत, दोनों के लिए अलग-अलग फायदे देती है. इसकी किस्मों में ग्रीन टी, ब्लैक टी, गुड़ वाली चाय, लेमन टी, मसाला चाय, अदरक वाली चाय और केसर वाली चाय शामिल हैं. लेकिन क्या आपने कभी ईरानी चाय के बारे में सुना है? अगर नहीं, तो इस खबर में पढ़ें और विस्तार से जानें कि ईरानी चाय क्या है और इसे कैसे बनाया जाता है.
आम तौर पर, लगभग सभी किस्मों में चाय की पत्ती (या पाउडर), दूध और चीनी का इस्तेमाल होता है. हालांकि, ईरानी चाय बनाने का तरीका बाकी सबसे बिल्कुल अलग है. इसे बनाने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है. इसका स्वाद भी काफी अनोखा होता है, अगर आपको गाढ़ी और तेज चाय पसंद है, तो इसे पीते ही आपके गले में एक सुखद गर्माहट का एहसास होगा. बस एक घूंट पीने के बाद ही, आपका मन दूसरा घूंट पीने के लिए मचल उठेगा.
हैदराबाद की प्रसिद्ध ईरानी चाय न केवल एक हॉट ड्रिंक है, बल्कि एक सांस्कृतिक विरासत है जो 19वीं सदी में फारसी प्रवासियों द्वारा दक्षिण भारत लाई गई थी. इतिहासकारों का मानना है कि ईरानी लोग ही सबसे पहले इस चाय को इस क्षेत्र में लेकर आए थे. यह 19वीं सदी में, निजाम मीर उस्मान अली खान के शासनकाल के दौरान हैदराबाद पहुंची. यह कड़क, मीठी और गाढ़ी चाय पारंपरिक रूप से निजाम काल के दौरान लोकप्रिय हुई थी, और अब यह उस्मानिया बिस्किट के साथ एक अनिवार्य जोड़ी बन गई है. सच कहूं तो, एक कप ईरानी चाय के साथ उस्मानिया बिस्किट का स्वाद लेना, अपने आप में एक अनोखा अनुभव है. अब, आइए ईरानी चाय बनाने के लिए आवश्यक सामग्री और विधि के बारे में जानें…










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