जितेंद्र शर्मा, चेन्नई। चेपॉक में व्यवसाय करने वाले युवा दिनेश के. कुमार से जब चुनावी हाल की चर्चा छेड़ी तो एक रट में बोल गए- डीएमके जीत सकती है, हालांकि संभावना एआईडीएमके की भी है, लेकिन मैं चाहता हूं कि विजय की टीवीके जीत जाए। यह उलझन सिर्फ दिनेश की नहीं, बल्कि अधिकतर मतदाताओं की दिखाई पड़ती है।

राज्य की राजनीति में क्रमवार सत्ता प्राप्त करते रहे द्रमुक और अन्नाद्रमुक, दोनों ही ऐसी स्थिति में पहुंच चुके हैं, जिन्हें अब जनता सत्ता का अवसर देगी तो सिर्फ विकल्पहीनता के कारण। दरअसल, द्रविड़ मॉडल ने राष्ट्रीय दलों के लिए फिलहाल तो दरवाजे बंद कर रखे हैं।









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